: आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के नेट बॉलर बने रामवीर गुर्जर
Wed, Feb 12, 2025
25 फरवरी से चेन्नई में आयोजित कैंप में लेंगे भाग, पूरे आईपीएल सीजन में रहेंगे टीम के साथ
गणेश भारद्वाज
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भिंड
भिंड के मीडियम पेसर रामवीर सिंह गुर्जर को आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स ने नेट बॉलर के तौर पर आमंत्रित किया है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रामवीर 25 फरवरी से चेन्नई में आयोजित कैंप में भाग लेंगे और पूरे आईपीएल सीजन 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ रहेंगे। रामवीर वर्तमान में मध्यप्रदेश की अंडर 23 टीम के खिलाड़ी है और एमआरएफ पेस फाउंडेशन बंगलौर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग में ग्वालियर चीताज टीम के भी खिलाड़ी रहे हैं। हाल ही में आयोजित अंडर 23 सीके नायडू टूर्नामेंट में रामवीर के द्वारा बेहतरीन बोलिंग की गई थी।
रामवीर मूलतः भिंड के बघेड़ी गांव के निवासी है।तीन भाइयों में सबसे बड़े रामवीर के पिता अहिवरन सिंह गुर्जर ग्राम पंचायत सचिव हैं। रामवीर बचपन से भिंड डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशिक्षक रविशेखर कटारे से प्रशिक्षण प्राप्त करते आए हैं। रामवीर के चयन पर चौधरी दिलीप सिंह फाउंडेशन, बीडीसीए के अध्यक्ष पूर्व विधायक मुकेश सिंह चतुर्वेदी,चंबल डिवीजन के सचिव तसलीम खान, भिंड के सचिव दिनेश चतुर्वेदी ने हर्ष व्यक्त किया है।
: नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में नवनीत ने जीता सिल्वर मेडल
Sat, Jan 25, 2025
भोपाल में चल रही
दिग्विजय सिंह मेमोरियल नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन
भिंड - संवाददाता
सुनार पुरा मेहगांव (भिंड) के निवासी नवनीत सिंह भदौरिया ने भोपाल में स्थित शूटिंग अकादमी में चल रही दिग्विजय सिंह मेमोरियल नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान पर रहकर सिल्वर मेडल प्राप्त किया है।
यह जानकारी नवनीत को प्रेरित करने वाले किशोरी स्पोर्ट्स क्लब संचालक राधे गोपाल यादव के द्वारा दी गई, उन्होंने बताया दिनांक 21 जनवरी से 30 जनवरी तक भोपाल खेल अकादमी में चलने वाली दिग्विजय सिंह मेमोरियल शूटिंग स्पर्धा मे देश के कई जाने-माने निशाने बाज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया हे। शूटिंग की स्कीट स्पर्धा में नवनीत सिंह भदौरिया पुत्र राजेश सिंह ने हवा में उड़ते हुए लक्ष्य को भेद करके मध्य प्रदेश के लिए सिल्वर मेडल लिया, ज्ञात हो शूटिंग का प्रशिक्षण नवनीत खेल अकादमी भोपाल में रहकर के अपने कोच. इंद्रजीत सिद्दीकी के दिशा निर्देशन में ले रहे हैं।
कम उम्र में अपनी क्षमताओं को विकसित करके वह अपने परिवार भिंड के स्थानीय दिशा निर्देशक और पूरे मध्यप्रदेश का मान बड़ा रहे हैं।
उनकी इस सफलता पर राधे गोपाल यादव, भूपेंद्र सिंह कुशवाह, राघवेंद्र भदौरिया, मुनेंद्र सिंह कुशवाह, डॉ योगेंद्र यादव, दिग्विजय सिंह, शिव प्रताप सिंह भदौरिया, ताऊ इंद्रेश सिंह सहित कई शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं दी है।
: 9.64 करोड़ में बनेगा 'खेलो इंडिया, का सिंथेटिक ट्रैक
Sat, Dec 28, 2024
सांसद संध्या राय के प्रयास से राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बनेगा 8 लाइन का सिंथेटिक ट्रैक
सेना में भर्ती होने दौड़ भाग करने वाले खिलाड़ियों को मिलेगा सुनहरा मौका
लाजपत राय अग्रवाल - भिंड
भारत सरकार ने प्रदेश सरकार के आवाहन 9.64 करोड़ की लागत से राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित 8 लाइन का सिंथेटिक ट्रैक तैयार किया जाना है इस सिंथेटिक ट्रैक में खिलाड़ियों के लिए 8 लाइन होगी और खिलाड़ी 400 मी तथा 800 मी की दौड़ कर पाएंगे। यह ट्रैक मुंबई की कंपनी के द्वारा तैयार किया जाना है। और ट्रैक में रिसर्च कॉलेज डिजाइन मुंबई द्वारा तैयार किया जाना प्रस्तावित है। भिंड की भाजपा सांसद संध्या राय द्वारा अपनी राशि द्वारा प्रस्तावित है । प्रस्तावित सिंथेटिक ट्रैक ग्वालियर चंबल संभाग में अपनी तरह का पहला सिंथेटिक ट्रैक है।
सेना में भर्ती की चाहत रखने वाले युवाओं को मिलेगा इसका लाभ
जरूरी तथ्य यह है कि सिंथेटिक ट्रैक के जरिए भिंड - मुरैना में सेना में भर्ती के लिए भाग लेने वाले धावकों को खास लाभ मिलेगा। ज्ञात हो कि भिंड से बड़ी संख्या में प्रतिवर्ष जवान सेना में भर्ती होते हैं और हजारों की संख्या में यहां के सैनिक तीनों सेनाओं में देश की सेवा में जुटे हुए हैं। इस लिए इस अत्याधुनिक सिंथेटिक ट्रैक का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। विदित हो कि राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम तत्कालीन सांसद योगानंद सरस्वती द्वारा क्रिकेट खेलने के लिए तैयार किया गया था हालांकि बाद में इसका उपयोग राजनीतिक सभा और कार्यक्रमों के लिए होने लगा।
जानिए क्या होता है सिंथेटिक ट्रैक
रबर से बनी एक खास तरह की सतह होती है जिस पर एथलीट दौड़ते हैं. यह ट्रैक, कंक्रीट या डामर बेस पर बनाया जाता है और इसमें ड्रेनेज की सुविधा होती है. सिंथेटिक ट्रैक बनाने के लिए, कई तरह की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि: रबर, राख, रेत, चट्टानों की बुरादा.
सिंथेटिक ट्रैक के बारे में कुछ और खास बातेंः
सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से पैरों में अकड़न नहीं आती और न ही शरीर को कोई नुकसान होता है।
सिंथेटिक ट्रैक पर प्रशिक्षण करने से एथलीटों का प्रदर्शन बेहतर होता है।
सिंथेटिक ट्रैक दो तरह के होते हैं: रबर से बंधे पॉलीयूरेथेन ट्रैक और लेटेक्स से बंधे ट्रैक।
सिंथेटिक ट्रैक पर विश्व एथलेटिक्स और इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ़ एथलेटिक्स फ़ेडरेशन (IAAF) के मानकों का पालन किया जाता है।