: मुरैना की आशा कार्यकर्ता की मौत के मामले में जिम्मेदार अधिकारी पर गैर इरादतन हत्या का अपराध पंजीबद्ध करने की मांग


कलेक्ट्रेट परिसर जिला मुख्यालय भिंड में मध्य प्रदेश आशा/आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ के तत्वाधान में उषा तोमर आशा कार्यकर्ता मुरैना की मौत पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान मुख्यमंत्री जी के नाम दिया गया ज्ञापन

गणेश भारद्वाज - भिण्ड
आशा उषा और सहयोगनी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धांजलि सभा के दौरान उषा तोमर को श्रद्धांजलि अर्पित कर ज्ञापन सौंपा जिसमें मृतक आशा कार्यकर्ता के परिवार को सरकारी नौकरी और 1000000 रुपए का मुआवजा सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किए जाने की मांग की गई है।

उषा तोमर आशा कार्यकर्ता ग्राम वारे का पुरा अम्बाह जिला मुरैना की स्वास्थ्य शिविर में सेवाएं प्रदान करते वक्त हालत बिगड़ने के बाद उड़की म्रत्यु हो गयी। डॉक्टरों ने बाहर से दवाई मंगवाई जबकि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की एक अहम कड़ी है और अपने क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का निशुल्क लाभ दिलवाने के लिए स्वास्थ्य शिविर में लेकर पहुंची थी कितनी विडंबना की बात है समुदाय को आरोग्य प्रदान करने वाली आशा कार्यकर्ता जब इतनी गंभीर अवस्था में थी तब स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उसे चिकित्सा सेवा उपलब्ध न हो सकी।
लेकिन विभाग के अधिकारियों ने और सरकार ने अभी तक उस आशा कार्यकर्ता की परिवार की ना कोई सुध ली है ना ही कोई सहायता उपलब्ध कराई है यहां तक कि एक शब्द भी सांत्वना का नहीं कहा है इतना अमानवीय रवैया बेहद शर्मनाक है।
प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मी कौरव ने कहा कि, आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले सरकार और जिम्मेदारी ले विभाग
वैश्विक आपदा कोविड-19 की तीनों लहर में आशा और सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अग्रिम पंक्ति योद्धा के रूप में सबसे महत्वपूर्ण अग्रणी भूमिका निभाई है लेकिन कोविड-19 वैक्सीनेशन की एक भी ड्यूटी का कोई भुगतान आशा कार्यकर्ताओं को आज तक नहीं प्राप्त हुआ है।जबकि मुफ्त में कार्य कराना बंधुआ गिरी यह बहुत ही विषम अपराध है जो कि सरकार और विभाग के द्वारा किया जा रहा है लक्ष्मी कौरव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना किसी लिखित आदेश के आशा कार्यकर्ताओं के कार्य करने के लिए बाध्य न किया जाए।
यदि विभाग का और सरकार का यह अन्याय पूर्ण रवैया इसी तरह बरकरार रहा तो बहुत जल्द ही यह गुस्सा एक विस्फोटक रूप ले लेगा और आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा एक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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