: लो मछंड गांव में बनने लगा मुक्तिधाम, मीडिया की खबरों का सबसे तेज असर

Admin Fri, Jan 7, 2022

    गणेश भारद्वाज भिण्ड

मुक्तिधाम निर्माण स्थल पर लेआउट खींचते आरआई पटवारी इत्यादि

शुक्रवार को जिले के  प्रमुख अखबारों ने मछंड गांव में मुक्तिधाम की जमीन पर अतिक्रमण होने व 2016-17 में स्वीकृत की गई राशि का उपयोग जिम्मेदारों के द्वारा नहीं किया गया। यह खबर मीडिया ने  आज प्रमुख रूप से छापी, खबर पढ़ते ही जिले के मुखिया कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस हरकत में आए और उन्होंने जिम्मेदारों को तत्काल मुक्तिधाम की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और सीमांकन कराकर आज भी निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए।  इसके बाद कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस के निर्देश पर जमीन का सीमांकन कराकर लेआउट खींचा गया और आज ही काम शुरू करवाया गया साथ ही उक्त जमीन को अतिक्रमण से भी मुक्त कराया गया।  मुक्ति धाम निर्माण के लिए वर्ष 2016-17 में मुक्तिधाम के लिए आवंटित की गई थी 2.5 लाख की राशि भी जारी कर दी गई थी। इस लापरवाही के दो जिम्मेदार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किये गए है।
जानकारी के मुताबिक मनरेगा योजनान्तर्गत शांतिधाम निर्माण के लिए ग्राम मछण्ड के लिए राषि स्वीकृत किये जाने के उपरांत भी ग्राम में शांतिधाम का निर्माण ना कराये जाने के कारण ग्राम पंचायत मछण्ड के सचिव श्री सियाराम तिवारी एवं जनपद पंचायत रौन के उपयंत्री श्री सुरजीत मौर्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिवस में जवाब मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रौन को देने के निर्देष दिए है।
मुख्यकार्यपालन अधिकारी  जनपद पंचायत रौन ने नोटिस जारी कर कहा है कि मनरेगा योजनान्तर्गत प्रत्येक ग्राम में जनसुविधा की दृष्टिगत से शांतिधाम निर्माण कराया जाना था, जिसके लिये आपकी ग्राम पंचायत मछण्ड में भी वर्ष 2016-17 मे शांतिधाम निर्माण कार्य ग्राम मछण्ड में राशि 2.45 लाख रूपये का कार्य स्वीकृत कराया गया लेकिन ग्राम पंचायत में शांतिधाम का निर्माण आज दिनांक तक नहीं कराया गया है. आपको पूर्व में भी कार्यालयीन पत्र एवं समक्ष में शांतिधाम निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिये जाते रहे है किन्तु आपके हटधर्मता के कारण उक्त कार्य को पूर्ण नहीं कराया गया जिससे ग्राम पंचायत मछण्ड के ग्रामवासियों को दाहसंस्कार करने में परेशानी आ रही और ग्रामवासियों द्वारा शिकायत की जा रही है। आपके उक्त कृत्य से स्पष्ट है कि आप के द्वारा विना निर्माण कार्य किये हुये राशि को निकाल कर शासकीय राशि का दुरूपयोग किया गया है जो कि वित्तीय गवन की श्रेणी में आता है।
*जिले के दर्जनों गांव में है इस प्रकार की स्थिति सैकड़ों गांव में नहीं है मुक्तिधाम*

अगर जिला प्रशासन मुक्तिधाम और ग्राम पंचायतों में अन्य निर्माण कार्यों की सघन जांच कराएं तो इस प्रकार के सैकड़ों की संख्या में मामले सामने आ सकते हैं जानकारों की मानें तो इस प्रकार के मामले कई अन्य पंचायतों में भी लंबित हैं जहां राशि स्वीकृत होने के बाद भी मुक्तिधाम नहीं बनाए गए हैं साथ ही कई गांव ऐसे भी है जहां आज भी बरसात के दिनों में लोगों को मजबूरी में बरसाती लगाकर या पॉलिथीन ऊपर लगाकर अपने स्वजनों का अंतिम संस्कार करना पड़ता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इसी मामले को करवा कर वाहवाही बटोर ते हैं या फिर जिले में अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार की स्थितियां हैं उन्हें भी ठीक कराने का प्रयास करते हैं।

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