: अटल जी को याद करते हुए शिवराज हुए भावुक, बोले - अटल जी बिना सूनी लगती थी संसद

भोपाल - संवाददाता

देश ने आज सुशासन दिवस के रूप में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाई। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आज भोपाल में शौर्य स्मारक चौराहे के पास पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए. इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए सीएम शिवराज भावुक हो गए.
मुख्य्मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सरकारें भले ही दूसरी रही हो लेकिन देश पर जब भी संकट आया, तब तत्कालीन सत्ता ने अटल जी पर विश्वास किया. उन्होंने मां भारती की दिन रात सेवा की. अटल जी के बिना संसद सूनी लगती है. मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला. जब अटल जी संसद में खड़े होते थे तो पिन ड्रॉप साइलेंस होता था. बीजेपी के विपक्षी भी उनकी सराहना करते थे. शिवराज ने कहा कि भारत को परमाणु शक्ति संपन्न अटल जी ने बनाया. कई बार मन में निराशा आती है तो उनकी कविता जीवन में आशा भर देती हैं. सशक्त, समृद्ध शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है, जिसे दुनिया देख रही है.

ग्वालियर से गहरा नाता....
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था. मध्य प्रदेश ने अटल जी के राजनैतिक करियर को दिशा देने में अहम योगदान दिया. साल 1971 में पहली बार वह जनसंघ के टिकट पर ग्वालियर से ही लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. इसके बाद वह एमपी के विदिशा से भी सांसद चुने गए. एमपी के ही धार जिले के मानावर में आयोजित रैली में ही पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी को भाजपा की तरफ से पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था.

साल 2005 में अटल बिहारी वाजपेयी ने मुंबई के शिवाजी पार्क की एक रैली में सक्रिय राजनीति छोड़ने का ऐलान किया था. अटल बिहारी वाजपेयी देश के इकलौते नेता हैं, जो देश के 4 अलग-अलग राज्यों यूपी, एमपी, नई दिल्ली और गुजरात से 6 बार संसद पहुंचे. अटल जी 47 साल तक संसद सदस्य रहे. इस दौरान वह 11 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के लिए चुने गए. वाजपेयी जी ने ही पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया था. अपने पीएम कार्यकाल के दौरान ही उन्होने राजस्थान को पोखरण में परमाणु बम का परीक्षण किया था.

विज्ञापन

जरूरी खबरें