: विरोधियों को फंसाने खुद को गोली मारने वाले को 3 वर्ष की सजा और अर्थदंड
Admin Mon, Jun 24, 2024
आरोपी द्वारा स्वयं अपने हाथ से अधिया से गोली मारकर दूसरे लोगों को फसाए जाने के प्रकरण में न्यायालय द्वारा दी गई सजा
अभियुक्त अजय सिंह को धारा 195 भारतीय दंड विधान में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व तीन हजार रुपए का अर्थदंड तथा धारा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट में 2 वर्ष व 3 वर्ष की सजा एवं एक हजार व दो हजार के अर्थदंड दंडित किया गया

भिंड - संवाददाता
विरोधियों को फंसाने के लिए एक व्यक्ति द्वारा खुद को अधिया से गोली मारना मंहगा साबित पड़ गया। न्यायालय ने आरोपी अजय सिंह को अलग अलग धाराओं में तीन और दो वर्ष की सजा वा अर्थदंड से दंडित किया हैं।
जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त 2019 को शाम 7:30 बजे आरोपी अजय सिंह पुत्र सरनाम सिंह भदोरिया निवासी ग्राम रमटा के द्वारा थाना पावई में रिपोर्ट की की वह अपने घर से माता के मंदिर पूजा करने गया था जव माता के मंदिर पर पहुंचा तभी कुलदीप तोमर 315 बोर की अधिया कपूरे 12 बोर की बंदूक गंभीर लाठी तथा कल्लू लाठी लिए मिले और पारिवारिक विवाद के चलते कुलदीप को कपूरे उससे बोले कि हम लोग तुम्हारे लिए ही बैठे हैं अजय सिंह भागने लगा तभी कपूरे ने फायर किया फिर कुलदीप ने जान से मारने के लिए से गोली मारी जो अजय सिंह के बाएं पैर की पिंडली में नीचे लगी गोली लगने से अजय सिंह गिरपड़ा मौके पर नरेंद्र सिंह वंदना आ गए तो चारो लोग भाग गए घटना की रिपोर्ट अजय सिंह द्वारा थाना हवाई में की जिस पर से अपराध क्रमांक 85/ 2019 पर उक्त चारों के विरुद्ध धारा 307,34 भा. द. स. का अपराध पंजीकृत किया गया अजय सिंह का मेडिकल परीक्षण किया गया मौके पर स्थल निरीक्षण किए जाने पर क्राइम मोबाइल यूनिट के द्वारा घटना संदेहजनक पाए जाने से प्रकरण की विवेचना की गई जिसमें पाया गया अभियुक्त अजय सिंह द्वारा आरोपी कुलदीप सिंह कपूरे सिंह गंभीर सिंह कल्लू सिंह को धारा 307 में दंडित किए जाने हेतु स्वयं अपने कट्टा मार कर झूठी रिपोर्ट की विवेचना के दौरान अभियुक्त अजय सिंह से 315 बोर की एक अधिया भी जप्त की गई थी इस संबंध में विवेचना के दौरान जिन अभियुक्तों के विरुद्ध रिपोर्ट दिखाई गई थी उनमें से दो व्यक्ति घटनास्थल पर नहीं थे जांच के दौरान वह बाहर होना पाए गए थे।
इस प्रकार संपूर्ण विवेचना में पुलिस थाना पावई के द्वारा अभियुक्त अजय सिंह के विरुद्ध धारा 177, 182, 195, भारतीय दंड विधान एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय सत्र न्यायाधीश के समक्ष विचारण के दौरान शाक्षियो कथनों के आधार पर सत्र न्यायाधीश महोदय भिण्ड द्वारा अभियुक्त अजय सिंह को धारा 195 भारतीय दंड विधान में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व तीन हजार रुपए का अर्थदंड तथा धारा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट में 2 वर्ष व 3 वर्ष की सजा एवं एक हजार व दो हजार के अर्थदंड दंडित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक जगदीश प्रसाद दीक्षित द्वारा की गई थी।
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