: विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड के सभी आरोपी दोष मुक्त
Admin Sun, Jul 21, 2024

15 साल बाद आया स्पेशल कोर्ट का फैसला, भाजपा अनुसूचितजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य भी थे आरोपी
भिंड - संवाददाता
विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाया है। इस मामले में न्यायालय ने वादी और प्रतिवादी पक्षों की सुनवाई की और न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया है। इस मामले बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य समेत समस्त आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया। भिंड की स्पेशल कोर्ट ने फैसला शनिवार दोपहर बाद सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक गोहद क्षेत्र के एंडोरी थाना अंतर्गत वर्ष 2009 में विधायक माखनलाल जाटव जब एक लोकसभा चुनाव प्रचार की एक राजनीतिक सभा से वापस लौट रहे थे तभी कुछ लोगों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया था। विधायक माखनलाल जाटव पर हमले के दौरान गोलियां चलाई गई जिस कारण उनकी मौत हो गई। यह हत्या का अपराध एंडोरी थाने में 30/09 के तहत दर्ज हुआ था। इस मामले में मुख्य आरोपी स्वर्गीय तेज नारायण शुक्ला को बनाया गया था। इसके अलावा सहयोगी आरोपियों में पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, शेरा उर्फ शेर सिंह, मेवाराम, सेठी कौरव, गंधर्व कौरव, केदार सिंह, राम रूप सिंह को बनाया गया था। एंडोरी थाना पुलिस ने सभी आरोपियों को हत्या अवैध हथियार व एससी एसटी एक्ट की धारा में आरोपी बनाया था जिसकी सुनवाई भिंड के विशेष न्यायालय में चल रही थी।
इस मामले में वादी व प्रतिवादी पक्षी ने अपने-अपने तर्कों को सुना गया। सन 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान हुए विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड की सुनवाई के बाद न्यायालय ने पर्याप्त सबूत न होने की बात कही। इस आधार पर सभी आरोपियों को दोष मुक्त करात दिया गया है। यहां हम
बता दे कि गोहद के तत्कालीन विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड एक हाई प्रोफाइल मामला था। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में पूरे 15 साल चली। इसके बाद यह फैसला आ सका है। विधायक मांखन लाल जाटव की मृत्य के बाद हुए उप चुनाव में उनके बेटे रणवीर जाटव को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया और वे विधायक बने। रणवीर दूसरी बार विधायक बनने के बाद 2020 में सत्ता परिवर्तन के खेल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे
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