: कलेक्टर ने इस गांव के कर दिए सभी आर्म्स लाइसेंस सस्पेंड
Admin Fri, Jan 12, 2024

गांव में 71 आर्म्स लाइसेंस धारी, सभी को थाने में हथियार जमा करने के आदेश
भिंड - संवाददाता
मेहगांव थाना अंतर्गत अजनौधा गांव में दो पक्षों में हुए विवाद के बाद जमकर फायरिंग हुई। इस घटना के बाद पंचायत के समस्त लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने की है। वहीं गांव में फायरिंग किए जाने की मामले की जांच को लेकर मेहगांव पुलिस मौके पर पहुंची और छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले पर हम नजर बनाए हुए हैं हमने गांव वालों को सख्त हिदायत दी है कि अगर का आगे कोई भी वारदात होती है तो उसके लिए जिम्मेदार आप स्वयं होंगे। गांव में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो इसी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा गांव के सभी लाइसेंस धारी के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
पूर्व सरपंच की शिकायत से उपजा विवाद
दरअसल मेहगांव थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत अजनौधा में शुक्रवार को विकसित संकल्प यात्रा को लेकर शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव भी पहुंचे थे। शिविर के दौरान कुछ लोगों ने पूर्व सरपंच रेखा पत्नी रामप्रकाश शर्मा की शिकायत की। इसी समय पूर्व संरपंच के बेटा अभिषेक भी वर्तमान सरपंच की शिकायत करने पहुंच गया। इसी समय दोनों पक्षों कें विवाद होने लगा। तभी मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद शांत करवा दिया। इसके बाद शिविर संपन्न हो गया। अफसर भी चले गए।
दोनों पक्षों ने किए बंदूकों से धड़ाधड़ फायर...
शिविर संपन्न होने के बाद दोनों पक्षों में शाम के समय विवाद गहरा गया। दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। बताया जाता है कि पूर्व सरपंच की शिकायत लाखन सिंह भदौरिया द्वारा की गई थी। दोनों पक्ष आमने सामने होते ही मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान जमकर फायरिंग हुई। गोलियों की आवाज से पूरे गांव में दहशत फैल गई। इसके बाद पुलिस थाने पूर्व सरपंच का पुत्र अभिषेक शर्मा पहुंचा और उसने मारपीट व जान से मारने की धमकी व फायरिंग करने की शिकायत की। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर लाखन सिंह भदौरिया व उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
लाइसेंसी हथियारों के साथ अवैध हथियारों की भी भरमार!
जिले के लोगों पर बड़ी संख्या में लाइसेंसी हथियार हैं वही बड़ी संख्या में अवैध हथियार भी लोग रखते हैं बताया जाता है कि जब कोई लड़ाई झगड़ा होता है तो लाइसेंसी हथियारों से कम फायरिंग होती है और अवैध से ज्यादा। मेहगांव पुलिस को इस गांव में इस बात पर भी नजर रखनी होगी के कहीं फायरिंग में अवैध हथियारों का तो उपयोग नहीं हुआ था।
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