: कांग्रेस ने भिंड विधानसभा से राकेश चौधरी पर जताया भरोसा, गोहद विधायक का नाम काट केशव देसाई को दिया टिकिट
Admin Fri, Oct 20, 2023
लंबी प्रतीक्षा के बाद कांग्रेस ने की दूसरी सूची जारी की, 144 के बाद अब 88 नाम और किए घोषित



गणेश भारद्वाज - भिंड
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मध्य प्रदेश के लिए 88 नाम की अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है इसमें ने भिंड विधानसभा से पूर्व मंत्री राकेश सिंह चतुर्वेदी को अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं गोहद से उपचुनाव जीते मेवाराम जाटव का टिकट काटकर वहां से कांग्रेस कार्यकर्ता केशव देसाई पर भरोसा किया है इस प्रकार से भिंड जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई है।मध्य प्रदेश में 21 तारीख से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी जो की 30 तारीख तक चलेगी।
पूर्वमंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी अपना पहला चुनाव 1990 में अपने पिता चौधरी दिलीप सिंह चतुर्वेदी के स्वर्गवासी होने के बाद लड़े थे। 1990 में वे पहली बार विधायक चुने गए और उसके बाद भिंड विधानसभा से ही तीन बार विधानसभा पहुंचे। दिग्विजय सिंह मंत्रिमंडल में नगरीय आवास विकास मंत्री का दायित्व भी श्री चौधरी ने संभाला। उसके बाद वर्ष 2012 में एक नाटकीय घटनाक्रम में श्री चौधरी ने कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थामा और 2018 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में उनका मन भाजपा में नहीं लगा तो दोबारा सिंधिया के सहारे कांग्रेस ज्वाइन कर ली। करीब 1 वर्ष पहले श्री चतुर्वेदी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सदस्य मनोनीत किया गया। विभिन्न न्यूज चैनल के माध्यम से वे लगातार पिछले तीन वर्षों से कांग्रेस की बात रखने का काम कर रहे थे। हालांकि चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी का मेहगांव विधानसभा से चुनाव लड़ने का मन था लेकिन पार्टी ने उन्हें एक बार फिर से भिंड से ही प्रत्याशी बनाया है। भिंड में अभी भाजपा ने पत्ते नहीं खोले हैं। यहां से पिछली बार बसपा के टिकट पर संजीव सिंह कुशवाह विजय हुए थे जिन्होंने बसपा को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है इस बार बसपा ने भाजपा छोड़कर आए रक्षपाल सिंह कुशवाह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस विधानसभा में इस बार त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय संघर्ष होने की प्रबल संभावना है। अब देखने वाली बात यह होगी की टिकट की बाजी जीतने वाले चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी पांचवीं बार भिंड विधानसभा पर अपना परचम फहरा पाएंगे या नहीं।
1979 से शुरू की राजनीतिक यात्रा, चार बार चुने गए विधायक
61 वर्षीय राकेश चौधरी ने 1979 में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की जब वे भिंड के नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बने। उन्होंने 1983 और 1985 के बीच भिंड जिले में भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव के रूप में कार्य किया, और बाद में 1987 में भिंड मार्केटिंग सोसायटी के निदेशक के रूप में चुने गए।
चौधरी 1990 में बने पहली बार विधायक
वे 1990 के चुनाव में भिंड से पहली बार 9वीं मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में विधान सभा के सदस्य बने। यह वही निर्वाचन क्षेत्र था जिसे उनके पिता स्व चौधरी दिलीप सिंह चतुर्वेदी ने 1980 के चुनाव में 7वीं मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में विधायक के रूप में जीता था, उसी वर्ष जब पार्टी का गठन हुआ था
मंत्री, उत्कृष्ठ विधायक और फिर बने उपनेता प्रतिपक्ष
वे 1995 और 1996 के बीच भिंड में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे, और बाद में 1996 के उपचुनाव के बाद 10वीं मध्य प्रदेश विधान सभा के सदस्य के रूप में फिर से चुने के गए। 1998 के चुनाव के बाद 11वीं मध्य प्रदेश विधानसभा में तीसरे कार्यकाल के बाद, चौधरी ने मध्य प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल में शहरी विकास, आवास और पर्यावरण विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। वर्ष 2003 का चुनाव भाजपा के नरेंद्र सिंह कुशवाहा से हारे और उसके बाद चौथी बार 13 वीं विधानसभा के लिए 2008 में विधायक चुने गए। इस बार उन्हें उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिला और मध्य प्रदेश की विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष और कुछ समय प्रभारी नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली।भाजपा की पांचवीं सूची का इंतजार….
प्रदेश के जन सामान्य को भाजपा की पांचवी सूची का बेसब्री से इंतजार है विधानसभा सीटों में से भाजपा ने तीन पर प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं गोहद से भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, अटेर से सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ अरविंद सिंह भदौरिया एवं लहार से अंबरीश शर्मा उर्फ गुड्डू के नामों की घोषणा हुई है। अब भिंड एवं मेहगांव में भाजपा के नामों की अभी घोषणा बाकी है।
विज्ञापन