: मृत्युभोज सामाजिक कलंक है, इसे बंद कर देना चाहिए - सुघर सिंह
Admin Thu, Jan 12, 2023
नरवरिया समाज में मृत्यु भोज न करने का लिया संकल्प
भिण्ड - गणेशभभारद्वाज
मृत्युभोज एक सामाजिक कुरीति है इसे जल्द से जल्द बंद किया जाना चाहिए, किसी की मौत के बाद परिवार वाले जैसे कार्यक्रमों में भारी खर्च कर कर्ज के बोझ तले दब जाते है। इसके अलावा किसी दुखी व्यक्ति के घर जाकर भोजन कर तृप्त होना उचित नही लगता है। ऐसी परिस्थिति को देखते हुए सामाजिक स्तर पर बंद होना चाहिए मृत्युभोज सामाजिक कलंक है इसे बंद कर देना चाहिए। उपरोक्त उद्गार लोधी क्षत्रिय समाज के जिलाध्यक्ष सुधरसिंह नरवरिया ने ग्राम कृपे का पुरा में पूर्व सरपंच वीरसिंह नरवरिया की मां राजोबाई का गत 06 जनवरी के निधन पर कहीं। और मृत्युभोज बंद करने का निर्णय लिया।
इसी तारतम्य में ग्राम पुर में रामौतारसिंह नरवरिया के भाई महेन्द्रसिंह की
मृत्यु गत 8 जनवरी को हुई थी, समाज के रामौतार नरवरिया ने भी मृत्युभोज बंद करने का निर्णय लिया।
लोधी समाज के जिला महामंत्री ने कहा कि समाज के प्रत्येक बुद्धिजीवी को आगे आकर मृत्युभोज करने वाले लोगों की निंदा करनी चाहिए, और ऐसे फरमान जारी 'करनार चाहिए ताकि इस पर रोक लगाई जा सकें। गरीब तबके के लोग दुःख की घड़ी में पैसा कर्ज पर लेकर मृत्युभोज कर परेशान हो जाते है इसके लिए ग्राम पंचायत कृपे का पुरा में मृत्युभोज पर प्रस्ताव भी पास करें।इस मौके पर जनकसिंह नरवरिया ने कहा कि मृत्युभोज पर धनराशि खर्च न करते हुए उस राशि को अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च करें, जिससे वे पढ़-लिखकर देश और समाज के लिए अच्छा काम कर सकें। इस अवसपर पर छात्रावास अध्क्ष देवेन्द्रसिंह नरवरिया ने मृत्युभोज एक बुराई है बुराई को जितनी जल्द खत्म किया जाए उतना ही अच्छा है।
इस अवसर पर उदयसिंह, मुन्नासिंह, दलवीरसिंह, रविन्द्रसिंह व्याख्याता, मातवर सिंह, शिशुपालसिंह, जरदानसिंह, मर्दानसिंह, कृपासिंह, प्रकाशसिंह आदि लोग उपस्थित थे।
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