: अपना तो साफ-साफ दाम से लगाव है...
Admin Sun, Mar 17, 2024

मेंहदा में उजास कवि सम्मेलन आयोजित, कवियों ने समां बांधा
भिण्ड- संवाददाता
बाबू कहे दाम बिन हम न करेंगे काम,अपना तो साफ-साफ दाम से लगाव है।
मैंने अधिकारियों से बात ये कहीं तो बोले, दाम से तो आजकल सभी का जुड़ाव है।। मैंने कहा माननीय मंत्री जी करो न कुछ, मंत्री बोले ऊपर से हम पे दबाव है। सीएम बोले आप भी तो मंच से लिफाफा लेत, कविराज ये तो कलिकाल का प्रभाव है।' कविता की ये पंक्तियां डॉक्टर सुनील त्रिपाठी निराला ने पढ़ी।अवसर था रामकुमार पाठक चाचा मेहंदा के परीक्षित रूप में उपस्थित रहते हुए श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आयोजित विराट उजास कविसम्मेलन का; जिसका संचालन युवा हस्ताक्षर आकाश पाठक ने किया। संत कवि कौशलेंद्र प्रताप सिंह कौशल की सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुए कवि सम्मेलन में हास्य कवि रवींद्र तिवारी मिहोनी ने कहा कि पेन है न डायरी है। शेर है न शायरी है। बबेड़ी से सत्येंद्र सिंह राजावत ने उम्दा गीत सुनाकर वातावरण को रसमय कर दिया। मिहोना से हरीबाबू शर्मा निराला की कविता बालम हम समझा रए तुमको सरपंची जिन लड़ियो को बहुत सराहा गया। अटेर से धर्मेंद्र त्रिपाठी ने सामाजिक सरोकार की तो भिंड से एडवोकेट आशुतोष शर्मा नंदू ने वीररस की कविताएं सुनाईं। युवा हस्ताक्षर आकाश पाठक ने शानदार काव्यपाठ किया। इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह राजावत, सतीश शर्मा मिहोना, राजेंद्र कन्हौआ, देवेंद्र पाठक, राजावत सरपंच मेंहदा, रमेश गिरि, सतीश पाठक समेत अनेक गणमान्य तो उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन युवा हस्ताक्षर आकाश पाठक ने किया।
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