: फूफ दूषित जल मामले में मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख और बीमारों को 5-5 लाख की सहायता दे सरकार

Admin Sun, Jun 16, 2024

पूर्व नेता प्रतपाक्षडॉ गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम लिखा पत्र, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच की मांग

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भिण्ड - संवाददाता

पूर्व नेता प्रतिपक्षऔर कांग्रेस नेता डॉ गोविंद सिंह ने एक पत्र मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम लिखा है पत्र में उन्होंने लिखा है कि फूफ कस्बा हैजा जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है। वहां अब तक 90 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। तीन लोगों की जान भी चली गई। वर्तमान में भी फूफ के कई मरीज अस्पताल में इलाज ले रहे हैं। यह बीमारी दूषित पानी पीने के कारण फैली है। इस बात को मप्र सरकार के केबिनेट मंत्री माननीय राकेश शुक्ला ने कहा है। यह आश्चर्यजनक बात है कि प्रदेश की भाजपा सरकार लाखों दावे करने के बाद भी लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मुहैया करा पा रही है। इससे लोगों की जान पर बन आई है। इस सबके बाबजूद भिण्ड का जिला प्रशासन अपना ढीला रवैया अपना रहा है। मरीजो के सैंपल समय पर नहीं भेजे गए, जिस बजह से बीमारी का पता चलने में ही पांच दिन बीत गए। अभी भी अधिकारी बीमारी की रोकथाम की बजाय हैजा की पुष्टि होने से इन्कार कर रहे हैं। यह एक बहुत ही गंभीर विषय है। मेरी मांग है कि इस बीमारी से जिन लोगों की मौत हुई है, सरकार उनको 10-10 लाख रूपए का मुआवजा दे। और बीमार लोगों को 5-5 लाख रूपए मुआवजा के रूप में मुहैया कराए जाएं। बीमार लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य की व्यवस्था की जाए। इस मामले में जल्द से जल्द जिम्मेदार लोगों और लापरवाही बरतने बाले अधिकारियों पर कार्यवाही हो। मामले की रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

ज्ञात हो कि बीते दिनों जिले के फूफ कस्बे में दूषित पानी पीने से तीन लोगों की मौत हुई और करीब एक सैकड़ो लोग बीमार हो गए जिनमें से अभी भी कई लोग बीमार हैं। सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला यहां दौरा कर जिला प्रशासन निर्देशित कर चुके हैं कि इस मामले को गंभीरता पूर्वक लिया जाए। कलेक्टर के द्वारा यहां पदस्थ दो कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।

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