: संघ का राष्ट्रवादी संगठन होना खुद ही प्रमाणित : रमेश दुबे

Admin Fri, Jul 26, 2024

भाजपा कार्यसमिति सदस्य डॉक्टर रमेश दुबे ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का किया स्वागत
भिंड - संवाददाता

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ रमेश दुबे ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को प्रतिबंधित सूची से हटाए जाने के उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए इसे प्रजातंत्र के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना करार दिया है।।उन्होंने कहा है कि इस आदेश से यह स्वतः प्रमाणित हो गया है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक राष्ट्रवादी और महत्वपूर्ण सामाजिक संगठन है जो देश भक्ति और जन कल्याण की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। गौर तलब है कि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रतिबंधित सूची में डालने एवं शासकीय कर्मचारियों के संघ के साथ कार्य करने को प्रतिबंधित किये जाने के खिलाफ इंदौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, उक्त याचिका के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय से मांग की गई कि संघ को इस प्रतिबंधित सूची से हटाया जाए, जिस पर इंदौर बैंच ने सुनवाई करते हुए संघ को पूर्व सरकारों की मनोदशा पर तीखी टिप्पणी एवं आलोचना करते हुए प्रतिबंधित सूची से बाहर करने का आदेश दिया साथ ही शासकीय कर्मचारियों को संघ के साथ कार्य करने को राष्ट्रहित में बताया गया और उन्हें संघ में कार्य करने की छूट प्रदान की।
उक्त निर्णय को लेकर ही भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ रमेश दुबे ने माननीय उच्च न्यायालय इंदौर के इस उत्कृष्ट निर्णय का आत्मीय स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया है।
डॉ दुबे ने कहा है कि माननीय उच्च न्यायालय ने स्वयं समझा कि संघ न राजनैतिक गतिविधियों में शामिल होता है और न ही राजनीति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ताल्लुकात रखता है, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विशुद्ध रूप से राष्ट्रहित के लिए दृढ़ संकल्पित है और राष्ट्रहित के लिए समर्पित किसी भी संगठन को प्रतिबंधित सूची में डालना उक्त सरकार की निम्न सोच का परिणाम है ऐसे किसी भी कृत्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता और न ही किसी भी भारतवासी को देशसेवा के लिए समर्पित ऐसे संगठन में कार्य करने से रोका जा सकता है, इसलिए बिना किसी तथ्य के किसी संगठन को प्रतिबंधित सूची में डालना और शासकीय कर्मचारियों को उक्त संगठन के साथ कार्य करने से रोका जाना घोर अनुचित है।
डॉ दुबे ने कहा कि ये निर्णय उन देश विरोधी ताकतों और राजनीतिक दलों के मुंह पर करारा तमाचा है जो अपनी सनक की वजह से देशहित की भावना से परे होकर अपनी निम्न सोच वाली मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे थे। उक्त निर्णय का पूरा देश साक्षी है जब स्वयं न्याय के मंदिर में ये स्वीकार किया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रवाद एवं देशप्रेम का जीता जागता उदाहरण है, तो अब किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक दल , संघ की निंदा या आलोचना का अधिकार नहीं है, यदि कोई भी ऐसा करता है तो वह अनुचित और अनैतिक कृत्य है।।
डॉ रमेश दुबे ने कहा है कि इस निर्णय के बहुत दूरगामी परिणाम होंगे, देश के सभी नागरिक और भी ताकत के साथ , भावना के साथ बड़ी संख्या में देश की सेवा करने के लिए संघ से जुड़ेंगे और भारतवर्ष को विश्व का सिरमौर बनाने के संकल्प को पूरा करेंगे।

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