: 75 वर्षीय बेटे के निधन के सात दिन बाद 100 वर्षीय मां ने भी दम तोड़ा
Admin Fri, Feb 9, 2024
75 वर्षीय प्रसिद्ध कवि किशोरी लाल बादल पिछले शुक्रवार इस दुनियां से विदा हो गए तो ठीक साथ दिन बाद उनकी 100 वर्षीय माता जी का भी हुआ स्वर्गवास
सुनील त्रिपाठी निराला - भिंड


मां को ममता का सागर यूं ही नहीं कहा जाता है। पुत्र चाहे जितना बड़ा हो जाए लेकिन माता-पिता के लिए बच्चा ही रहता है और माता-पिता के सामने यदि पुत्र चला जाए तो माता और पिता अत्यंत व्यथित होते हैं; उनके जीने का संबल ही समाप्त हो जाता है। ऐसा ही वाकया हाउसिंग कॉलोनी भिंड में देखने को मिला। जिले के वरिष्ठ गजलकार 75 वर्षीय किशोरीलाल बादल का 2 फरवरी को अचानक स्वर्गवास हो गया। उनकी 100 वर्षीय माताजी को इसकी खबर नहीं दी गई किंतु मां तो मां है। मां की अनुभूतियों में पुत्र वियोग की पीड़ा शामिल हो गई और इसकी परिणति यह हुई कि आज 9 तारीख को 100 वर्षीय माता ने भी प्राण त्याग दिए। इस हृदयविदारक घटना से पूरा परिवार और उनके इष्ट मित्रों का विपुल समूह दुखी है। पुत्र और मां के निधन पर मध्यप्रदेश लेखक संघ, हिंदी सेवा समिति तथा उजास से जुड़े हुए समस्त साहित्यकारों ने शोक संवेदना व्यक्त की है। इनमें सुनील त्रिपाठी निराला, आशुतोष शर्मा नंदू, हेमंत जोशी नादान, संतोष अवस्थी, रामकुमार पांडे, प्रदीप बाजपेई युवराज, अंजुम मनोहर, राजेश मधुकर, रविंद्र तिवारी, जितेंद्र त्रिपाठी अमित, हरिहर सिंह मानसभृंग, कीरत सिंह यादव, वीरेंद्र जैन एडवोकेट, शैलेश नारायण सिंह, मनोज सोनी, सुखदेव सिंह सेंगर, राजेश मधुकर आदि शामिल है।
विज्ञापन