: रामायण का प्रत्येक प्रसंग जीवन जीने की सीख देता है : शंकराचार्य
Admin Fri, Apr 12, 2024

भिण्ड - संवाददाता
शहर के अटेर रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित स्वरूप विद्या निकेतन में काशी धर्मपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के श्रीमुख से चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन शंकराचार्य जी ने भगवान श्री राम की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि रामायण में जितने भी घटनाक्रम हुए हैं जितने भी प्रसंग हैं वह हमें शिक्षा देते हैं। रामायण में ऐसा कोई प्रसंग नहीं है जो हमें शिक्षा या मार्गदर्शन ना देते हों। उन्होंने श्रीराम द्वारा अहिल्या उद्धार का वर्णन करते हुए कहा कि जो भगवान का प्रेमी बन जाता है भगवान उसके सब पाप ताप नष्ट कर देते हैं और उसका उद्धार कर देते हैं, जैसे उन्होंने अहिल्या का उद्धार किया। भगवान की कृपा सुसाधन करने वाले पर भी होती है और निसाधन करने वाले पर भी होती है। इसी प्रकार गुरु कृपा सभी शिष्यों पर समान रहती है किंतु अभिमानी पर उसका असर नहीं पड़ता है। गुरु और ईश्वर की कृपा केवल ऋषि मुनियों पर, रईसों पर, पढ़े लिखों पर ही नहीं होती बल्कि गुरु एवं भगवान की कृपा पढ़े लिखे, अनपढ़, गरीब, स्त्री पुरुष, छोटे बड़े का भेद किये बिना सभी पर समान रूप से होती है। ईश्वर और गुरु का स्वभाव कृपा करना ही है।
रामकथा से पूर्व माँ अन्नपूर्णेश्वरी वेद अनुसंधान संस्थान के आचार्यों एवं बटुकों के द्वारा शंकराचार्य जी का पादुका पूजन करवाया गया। जबकि सुबह के समय शिष्यों द्वारा शंकराचार्य जी का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया गया। श्रीराम कथा का आयोजन श्रीकाशी धर्मपीठ के तत्वावधान में सभी भक्तों के सहयोग से नारायण सेवा समिति भिण्ड के द्वारा कराया जा रहा है।
विज्ञापन