: सिद्ध सम्मेद शिखर मात्र तीर्थ नहीं भारत देश की आत्मा है - प्रतीक सागर

Admin Fri, Jan 13, 2023

क्रांतिवीर जैन संत प्रतीक सागर की प्रेस वार्ता पेच नंबर 1के कुआं वाले जैन मंदिर में आयोजित

गणेश भारद्वाज - भिंड

जैन संत प्रतीक सागर महाराज प्रेस को सम्बोधित करते

आत्मा के निकल जाने पर शरीर जैसे मुर्दा होता है उसी प्रकार सम्मेद शिखर पर्यटक स्थल बन जाने पर विश्व के भक्तों की श्रद्धा प्राण विहीन हो जाएगी। सम्मेंद शिखर ही क्या देश का कोई भी सीर्य पर्यटक स्थल नहीं बनना चाहिए। तीयों पर अर्थतंत्र नहीं धर्म तंत्र चलना चाहिए। सम्मेद शिखर से करोड़ो संतो ने निर्वाण को प्राप्त किया है अनंत अनंत तीर्थकरों ने मोक्ष को प्राप्त किया है। जैन दर्शन में 6 तरह के काल होते हैं सुखमा सुखमा, सुखमा, सुखमा- दुखमा, दुखमा- सुखमा, दुखमा, दुखमा दुखमाः । हर दुखमा- सुखमा नामक चतुर्थ काल में हमेशा से 24 तीर्थकर श्री सम्बेद शिखर से मोक्ष प्राप्त करते हैं। और आगे करते रहेंगे। सम्मेद शिखर को सारस्वत तीर्थ कहा जाता है। मुनि श्री ने प्रेस को संबोधित करते हुए आगे कहा कि केंद्र सरकार ने अभी सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल बनाने पर मात्र रोक लगाई है। जबकि समाज की मांग 2 अगस्त 2019 को जारी इको संसेटिव जोन अधिसूचना एस ओ 2795 (ई) अधिसूचना खंड 3 को पूर्ण रूप से निरस्त कर सम्मेद शिखर पवित्र अहिंसा तीर्थ घोषित करने की मांग की गई थी। तथा पर्वत पर बाइक आदि के द्वारा यात्रा करने को रोक लगाना, मछली पालन, मुर्गी पालन, चैक पोस्ट, स्वास्थ्य व्यवस्था, आदि की मांग की गई थी जिसे सरकार ने अभी तक नहीं माना है। इसलिए अभी तक जैन समाज सर्व समाज के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। मुनि श्री ने कहा की सरकार मलमपट्टी करके समाज को आपस में तोड़ना चाहती है जो कि कदापि मान्य नहीं है। केंद्र सरकार का इसी तरह का रवैया रहा तो आरी 2024 के चुनावों में भारत का जागरूक मतदाता उन्हें पलट कर के रख देगा। अब देश कि गद्दी पर वही शासन करेगा जो धर्म तीर्थ की पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लेगा। 24 प्रतिशत जीडीपी जैन समाज के द्वारा दी जाती है। 18 हजार गौशालाओं में से 16 हजार गौशालायें जैन समाज संचालित करता है। प्रमुख समाचार पत्रों के मालिक जैन समाज से है चुनावों में सबसे अधिक अर्थ चुनाव प्रचार के लिए जैन समाज देता है। सरस्वती और लक्ष्मी पुत्र सबसे अधिक जैन समाज में है।
महाराणा प्रताप के राज्य छिन जाने पर पुनः राज्य स्थापित करने के लिए भामाशाह जैसे लोगों ने सहयोग प्रदान किया था।
सम्मेद शिखर मात्र माटी का टीला नहीं विश्व कि आस्था का शिखर है। सम्वेद शिखर पूर्ण क्षेत्र को चित्रकूट, हरिद्वार, वैष्णो देवी अयोध्या की तर्ज पर अहिंसा पवित्र तीर्थ घोषित किया जाना चाहिए।

विराट आक्रोश महारैली 16 जनवरी को दोपहर

दोपहर 12 बजे मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज के नेतृत्व में 16 जनवरी को भिंड जिला बंद का आह्वान किया है उस दिन जैन समाज के साथ सभी धर्म और जाति के 50 हजार से अधिक लोग रोड पर उतरेंगे। दोपहर 12बजे शांतिपूर्ण ढंग से आक्रोश विराट महारैली लहार चुगी से प्रारंभ कर किला गेट, बजरिया, गोल मार्केट, होते हुए परेड चौराहे पर पहुंचेंगे जहां पर विराट जनसभा का आयोजन दोपहर 2:00 बजे होगा।

15 जनवरी को शाम 7 बजे विराट मशाल रैली…

10 जनवरी को होने वाली रैली की जन जागृति के लिए 15 जनवरी को दोपहर में समाज प्रतिनिधियों द्वारा जनसंपर्क किया जाएगा तथा शाम 7 बजे बड़े हनुमान से विराट मशाल रैली पूरे भिड शहर में निकाली जाएगी।

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