: तीर्थ दर्शन योजना ने कराई इस आईपीएस अफसर की किरकिरी !
Admin Tue, Jan 24, 2023
आईपीएस अफसर के मातापिता ने भरा यात्रा करने फार्म, लिस्ट में नाम भी जुड़ा, पोल खुली तो जिला प्रशासन ने आनन फानन में हटाया नाम, शिक्षक पिता को किया निलंबित
सतना - संवाददाता
प्रदेश के एक आईपीएस अफसर मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना को लेकर सुर्खियों में है, दरअसल मुरैना के पुलिस अधीक्षक आशुतोष बाग़री के पिता लालजी बाग़री सतना में सरकारी शिक्षक पद पर पदस्थ है और मां गृहणी है, दोनो ही इनकम टैक्स दाता है इसके बावजूद मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का लाभ लेने से वे नही चूके और सरकारी खर्च पर तीर्थयात्रा करने का आवेदन कर दिया, योजना के तहत सूची में नाम आ गया और टिकट भी बन गई, सूची सार्वजनिक होते ही बबाल मच गया, शिकायत के बाद जिला प्रशासन जांच की और आवेदक बागरी पति पत्नी अपात्र पाए गए, मामला तूल पकड़ने और दोष सिद्ध होने पर मुरैना पुलिस अधीक्षक आशुतोष के पिता लालजी बाग़री को सतना कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया हैं और तीर्थदर्शन यात्रा सूची से नाम भी हटवा दिया है ।
मध्यप्रदेश सरकार बुजुर्गों के लिये शुरू की गयी तीर्थदर्शन योजना के तहत मंगलवार को सतना जिले से 250 तीर्थयात्री द्वारिकापुरी की यात्रा रवाना हुई है, इन तीर्थ यात्रियों में से लालजी बाग़री और विद्या बाग़री निवासी पडरौत का नाम भी शामिल था, लालजी बाग़री मुरैना पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के पिता और विद्या बाग़री मां है, लालजी बागरी सहायक शिक्षक है जबकि माता गृहणी है और दोनो इनकम टैक्स दाता भी है, नियमानुसार दोनो ही तीर्थ दर्शन योजना के पात्र नही थे, लेकिन इसके बाबजूद दोनो ने योजना के तहत आवेदन भरकर जुगाड़ करके सूची में अपना नाम भी शामिल करा लिया, सूची सार्वजनिक होते ही किसी व्यक्ति ने जिला प्रशासन को शिकायत कर दी जिससे मामला विवादों में आ गया, आईपीएस अफसर पुत्र के नाम पर एक सवालिया निशान लगने लगा, जिससे सतना जिला प्रशासन भी हरकत में आया और जांच के बाद दोनो को अपात्र मान लिया और सूची से नाम हटा दिया, आवेदक लालजी बागरी सहायक शिक्षक को अवैध तरीके से बिना विभागीय अनुमति तीर्थदर्शन यात्रा पर जाने की कोशिश के आरोप में कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, इतना सबकुछ हो जाने के बाद आईपीएस अफसर के पिता लालजी बाग़री ने खा कि मुझे यह यात्रा नही करनी थी इसलिए विभागीय अनुमति नही ली थी, किसी परिचित ने मेरा फार्म भर दिया था मैने सिर्फ फार्म में साइन किया था, फार्म में इनकम टैक्स दाता और सरकारी सेवक को अपात्र होने का कालम नही था, और मुझे यात्रा की योजना के नियम कायदों की जानकारी थी ।
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