: पत्नी को जिंदा जलाने वाले पति और उसके सहयोगी तीन मित्रों को आजीवन कारावास की सजा
Admin Wed, Dec 20, 2023


पत्नी को जलाकर हत्या करने वाले आरोपी पति एवं उसके साथियों को आजीवन कारावास की सजा तथा 10 - 10 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया गया है। यह सजा बीते रोज सप्तम अपार सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के द्वारा सुनाई गई।
अपर लोक अभियोजक उत्तम सिंह राजपूत द्वारा बताया गया प्रकरण की घटना इस प्रकार है कि 16 अप्रैल 2016 को दिन के करीब 1:30 बजे मृतिका गुड़िया अपने घर में काम कर रही थी तभी उसका पति सुग्रीव गांव के अंगद सिंह वीरू सिंह व जितेंद्र सिंह के साथ आया उसने शराब के लिए पैसे मांगे, मृतका ने कहा उसके पास पैसे नहीं है फिर अंगद वीरू व जितेंद्र ने उसे पकड़ लिया। उसके पति सुग्रीव ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल डाल दिया चारों लोग गाली देते हुए कह रहे थे इसको जलाकर मार डालो। सुग्रीव ने जान से मारने की नीयत से अपनी पत्नी गुड़िया के ऊपर माचिस की तीली जलाकर डाल दी जिससे उसके हाथ पैर व शरीर पूरी तरह जल गया। सुग्रीव ने गाली देते हुए कहा कि तुझे पूरी तरह जलाकर छोड़ेंगे। मृतका के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसका पड़ोसी योगेश सबसे पहले पहुंचे और उन्हीं के द्वारा मृतिका को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की रिपोर्ट मृतका के द्वारा जिला अस्पताल भिंड में की जिस पर से थाना फूप के अपराध क्रमांक 80/2016 पर धारा 307/34 भादवि. का प्रकरण पंजीबद्ध हुआ। मृतका की हालत खराब होने से उसके पिता भाई उसे उचित इलाज हेतु अस्पताल सैफई इटावा उत्तर प्रदेश ले गए, जहां उसका इलाज हुआ। कुछ हद तक ठीक हो जाने पर उसकी छुट्टी कर दी गई। किंतु मृतका के अंगों में जले हुए घाव होने से उसके शरीर में संक्रमण फैल जाने से 30 मई 2016 को मैनपुरी के अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। विवेचना के दौरान लिए गए साक्षी गण के कथनों एवं अन्य प्रपत्रों के आधार पर अभियुक्त गण के विरुद्ध धारा 302/ 34 भारतीय दंड विधान का अभियोग पत्र न्यायालय भिंड में प्रस्तुत किया गया उसका विचारण सत्र न्यायालय भिंड में किया गया प्रकरण अंतरित होकर सप्तम अपार सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के यहां अंतरित होने पर उन्होंने प्रकरण में शेष साक्षी गण के कथन लिए अभियुक्त परीक्षण के बाद बचाव साक्षी गण के कथन लिए अंतिम तर्क सुनने के बाद प्रकरण में प्रस्तुत साक्षी गन के कथनों के आधार पर आरोपी गण के विरुद्ध सप्तम सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी द्वारा दिनांक 9 नवंबर 2023 को धारा 302/34 भारतीय दंड विधान का अपराध सिद्ध पाए जाने से अभियुक्त सुग्रीव सिंह पुत्र बुद्धू सिंह भदौरिया अंगद उर्फ जसराम सिंह पुत्र चंद्र माधव वीर उर्फ विश्ववीर पुत्र अतबल सिंह भदौरिया निवासीगण ग्राम भदाकुर थाना फू्प को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा एवं 10 - 10 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया गया है उसी दिनांक को सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। प्रकरण में एक आरोपी जितेंद्र सिंह पुत्र यदुनाथ सिंह फरार हो जाने से उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था उसके कुछ समय पश्चात फरार आरोपी जितेंद्र सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था मंगलवार 19 दिसंबर 2023 को आरोपी जितेंद्र सिंह पुत्र यदुनाथ सिंह निवासी ग्राम भदाकुर को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी द्वाराधारा 302 में आजीवन कारावास की सजा एवं 10 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया गया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक उत्तम सिंह राजपूत द्वारा की गई।
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