: पक्षी पर्यावरण के सजग पहरी : डॉ मनोज जैन
Admin Fri, Oct 13, 2023
चंबल के पक्षियों पर दिए छात्रों को वन्य जीव कार्यकर्ता डॉ मनोज जैन ने टिप्स
भिण्ड - संवाददाता

सामाजिक संस्था सुप्रयास के सचिव एवं वन्य जीवन कार्यकर्ता डॉ मनोज जैन ने न्यू ब्रिलिएंट कॉन्वेंट स्कूल के छात्र-छात्राओं को चंबल संभाग में पाए जाने वाले पक्षियों की बारे में जानकारी दी।
यहां बता दें कि अक्टूबर माह शुरू होते ही चंबल संभाग में प्रवासी पक्षियों का आगमन प्रारंभ हो जाता है। जिसमें साइबेरिया से आने वाले डेमोसेल क्रेन, बार हेडेड गूज, इंडियन स्कीमर, रूडी शैलडक, ग्लासी आइबिस, वूली नेक डक, ऑस्प्रे, ब्लैक वैली रिवर टर्न, नॉर्थन शोवलर जैसे दुर्लभ प्रजाति के पक्षी है।
डॉ मनोज जैन ने कहा कि पक्षी हमारे पर्यावरण के सजग पहरेदार हैं यह हमें हमारे वातावरण में होने वाले परिवर्तनों की सूचना देते हैं इसलिए हम मनुष्यों को भी इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्पित रहना चाहिए।
चंबल है साफ पानी की भारत की सबसे बड़ी नदी
बढ़े हुए प्रदूषण के कारण वर्तमान में चंबल नदी भारत की साफ पानी की सबसे बड़ी नदी में शुमार है। यही कारण है की पक्षियों की ऐसी प्रजातियां जो मीठे पानी के पर्यावरण में रहती हैं बड़ी संख्या में चंबल की ओर प्रवास करती हैं।
इंडियन स्कीम उड़ीसा के सत्कोसिया तथा चंबल दोनों ही स्थान पर पाया जाता है। शेष भारत से यह लुप्तप्राय हो चुका है।
न्यू ब्रिलियंट कान्वेंट स्कूल के प्रिंसिपल क्षमा शर्मा ने कहा कि सभी कक्षाओं में पर्यावरण एक सब्जेक्ट के रूप में है इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्रों को व्यवहारिक जान भी मिलता है।
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