: तोप नहीं हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया : कमलनाथ
Fri, Jan 20, 2023
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शुक्रवार को टीकमगढ़ पहुंचे, प्रेस से चर्चा में बोले...
टीकमगढ़ - संवाददाता
रेस्ट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को तोप नहीं है। अगर इतनी ही बड़े नेता होते तो ग्वालियर, डबरा सहित अपने क्षेत्र में महापौर के चुनाव नहीं हारते।
पूर्व सीएम व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री नाथ ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में आज तक भाजपा की सरकार किसानों को पानी मुहैया नहीं करा सकी है। बेरोजगारी युवा परेशान है। किसानों को बिजली नहीं मिल रही है। सीडी कांड के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि पुलिस ने मुझे हनी ट्रैप मामले की सीडी दिखाई थी, चंद मिनट देखने के बाद ही मैंने उन्हें रोक दिया था। मैंने सीडी सार्वजनिक इसलिए नहीं की, क्योंकि पहले उसकी सत्यता की जांच जरूरी थी। मैं नहीं चाहता था कि जांच किए बिना लोगों की बदनामी हो। गौशाला के सवाल पर पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर गौशालाओं को ठीक ढंग से नहीं चला रही है। आज गायों को 2 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भी भूषा चारे का पैसा नहीं दिया जा रहा है।
गरीबों को बेघर कर रही भाजपा सरकार
4 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान टीकमगढ़ के दौरे पर आए थे। तब उन्होंने कन्या पूजन किया था और 1 सप्ताह बाद ही प्रशासन ने उन बेटियों का घर दिखा दिया था। इस सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों के घर गिराने का काम कर रही है। जिस बेटी के मुख्यमंत्री ने पांव मुझे उसका घर गिराने से भाजपा का चेहरा उजागर हुआ है।
: 8 लाख की 80 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर दबोचे
Wed, Jan 18, 2023
बाइक तथा तोल कांटा सहित दोनों स्मैक तस्कर कोतवाली पुलिस की गिरफ्त मे
गणेश भारद्वाज - भिंड
प्रेस से चर्चा करती सीएसपी निशा रेड्डी और टीआई कोतवाली रविंद्र शर्मा
पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान,अति0 पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे एवं नगर पुलिस अधीक्षक निशा रेड्डी के निर्देशन में नशे के विरुद्ध भिण्ड पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है अभियान के तहत अवैध शराब, गांजा तथा अन्य मादक पदार्थों का अवैध व्यापार करने वाले आरोपियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है इसी कड़ी में आज दिनांक 18 जनवरी 2023 को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि दो लोग नीले रंग की होण्डा मोटर साईकल पर स्मैक लेकर पुराने रेल्वे स्टेशन के पास खड़े है तथा स्मैक बेचने की फिराक में है इस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन मे एक टीम थाना प्रभारी कोतवाली निरी. रविन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित कर त्वरित कार्यवाही करते हुए दो लोगो को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से एक सफेद रंग का पाउडर ठोस रूप में मिला जिसकी पहचान स्मैक के रूप में हुई । जिसका कुल वजन 80 ग्राम निकला। बाजार में जिसकी कीमत लगभग 8 लाख रुपये है। साथ ही एक तौल कांटा भी आरोपियों के पास से बरामद हुआ है। दोनो आरोपी बिना नम्बर की एक नीले रंग की होण्डा •लियों मोटर साईकल से स्मैक खपाने की फिराक में थे।
पकडे गये आरोपियों के विरुद्ध धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध क्र. 21/ 23 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पकडे गये दोनों आरोपियों में से एक आरोपी जो भदावर कालोनी कुरथरा का रहने वाला है जिसके विरुद्ध वाहनों में आग लगा देने तथा नुक्सान करने के दो अपराध पंजीबद्ध है तथा ग्वालियर में 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत दो प्रकरण पंजीबद्ध है। एक आरोपी मिहोना का रहने वाला है जिसके विरुद्ध थाना मिहोना में 8/21,8/20,29,8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत चार प्रकरण पंजीबद्ध है।
दोनो आरोपियों से पूछताछ जारी है पूछताछ पर ज्ञात हुआ है कि दोनो आरोपियों का नेटवर्क भिण्ड, ग्वालियर, दतिया के साथ साथ समीपवर्ती राज्य उ०प्र० के जिलों मे भी फैला हुआ है। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ उपरान्त उन लोगो को भी चिन्हित किया जा रहा है जो स्मैक जैसे कारोबार में लिप्त होकर युवा पीढी को इसका शिकार बना रहे है। नशे के विरुद्ध भिण्ड पुलिस की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
कोतवाली इंस्पेक्टर रविंद्र शर्मा, उपनिरीक्षक अतुल भदौरिया, पीआरओ 331 जितेंद्र यादव, आर.एस. अभिषेक यादव आर. दीपक राजावत, आर.के. राहुल राजावत, आर., राहुल सिकरवार आर.एस. सुशील शर्मा, आर.के. अमन राजावत ने मुख्य भूमिका रही है।
: <em>MPPSC द्वारा 4 साल से सिर्फ कैलेण्डर जारी किए जा रहे लेकिन नही हो रही नियुक्तियां- आकाश पाठक</em>
Tue, Jan 17, 2023
सरकार 1 लाख भर्ती को लेकर सिर्फ ढिढोरा पीट रही है , 2023 के mppsc द्वारा जारी कैलेंडर में किसी भी भर्ती को 2023 में पूर्ण करने की बात नही की सिर्फ परीक्षा की तिथि दी गई है।
गणेश भारद्वाज - भिंड
MPPSC के छात्र आकाश पाठक द्वारा बताया गया कि MPPSC द्वारा 2019 से अभी तक लगभग 6 कैलेण्डर जारी किए जा चुके है लेकिन आज दिनांक तक सिविल सर्विस की एक भी फाइनल नियुक्तियों को पूरा नही किया गया है न ही अभी तक एक भी कैलेंडर पूरा फॉलो हुआ है और मुझे पूर्ण विश्वास है 2023 में विधानसभा चुनाव है इसलिए 17 जनवरी 2023 के कैलेंडर भी पूरा फॉलो होना मुश्किल है। हम सभी लगभग 4 लाख विद्यार्थियों को सही नियम पर फाइनल 4 साल से फाइनल नियुक्तियों का इंतजार है लेकिन हमें हर बार कैलेंडर दिया जाता है ।
हम विद्यार्थियों को गलत नियम पर आयोजित परीक्षाओं पर उलझा कर रखा गया है लगता है सरकार की मंशा नही है कि वो नौकरी दे।
आज जारी किए गए कैलेंडर में भी केवल परीक्षाओं की तिथि दी गई है न कि उनके इंटरव्यू और फाइनल परिणाम की तिथि दी गई है आज के कैलेंडर में 2020 की मुख्यपरीक्षा के परिणाम को गायब कर दिया गया जबकि अप्रेल 2022 में इसकी मुख्यपरीक्षा पूर्ण हो गई थी लेकिन समझ नही आ रहा है कि ऐसी कौनसी विधिक सलाह ली जा रही है कि 9 माह में भी पूर्ण नही हो पाई यह बड़ा ही चिंतनीय विषय है यदि अन्य राज्यों की बात करें तो UPPSC द्वारा 1 वर्ष में जारी कैलेंडर को पूर्ण किया जा रहा परंतु MPPSC द्वारा कोई भी साल पूर्ण नही हो पा रहा है।
किसान, मजदूरों और सामान्य परिवार के बच्चे अपने सपने पूरे करने के लिए छोटे जिलों से निकलकर MPPSC की तैयारी करने के लिए इंदौर, भौपाल, ग्वालियर जैसे महानगरों की ओर बढ़े थे , जिसमें कोई 1 साल का बजट तो कोई 2 साल का बजट बनाकर चला था और कई कर्ज लेकर पढ़ाई करने निकले थे, प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लगभग 3 लाख विद्यार्थी mppsc की तैयारी कर रहे है जहां पर लाखों रुपये कोचिंग की फीस देकर वह पढ़ रहे है लेकिन नही हो रही पूर्ण परीक्षाएं।
एक विद्यार्थी का औसतन खर्चा लगभग 10 हजार प्रतिमाह होता है , घर से मांगते मांगते अब तो विद्यार्थियों को पैसे मांगने में शर्म आने लगी लेकिन शर्म नही आई तो वो सरकार और संबंधित संस्थाओं को ।
संस्थाओं द्वारा परीक्षा करवाई भी जाती है तो वह कभी असंवेधनिक नियमों पर कभी अवैधानिक फार्मूलों पर ताकि परीक्षाएं हाईकोर्ट में उलझी रहे और सरकार की जो मंशा है कि नौकरी न देनी पड़े वो पूर्ण हो रही है।
भारत देश मे विधि का शासन चलता है और यहां संविधान से ऊपर कुछ नही है तो क्यों संवेधानिक नियम पर परीक्षाओ के परिणाम जारी नही किये जाते है।
यदि विद्यार्थी हाईकोर्ट में सही नियमों को लेकर जाता है तो उसके पीछे भी उसकी कई चिंताएं की कहीं निकट भविष्य में गलत नियमों का हवाला देकर उसे नौकरी से बाहर न कर दिया जाए कहीं भविष्य में इन गलत नियमों पर उसका जीवन बर्वाद न हो जाये और वह कहीं का नही रहे इसलिए विद्यार्थियों की एक ही मांग रहती है कि सरकार और संविधान द्वारा बनाये गए नियमों का सही से पालन करते हुए साफ सुथरी परीक्षाएं आयोजित की जाएं क्योंकि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2017 हमारे सामने एक उदाहरण है जिसमें आरक्षण नियम के कारण आज भी हर महीने एक नई सूची जारी की जाती है इसलिए हम सिविल सेवा में ये सब नही चाहते है।
लेकिन सवाल ये है कि संवेधानिक नियमों पर परीक्षा आयोजित करवाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है विद्यार्थियों की या सम्बंधित अफसरों की???
यदि 4 वर्ष से कोई परीक्षा पूर्ण नही हो पाती तो क्या सम्बंधित अधिकारियों को स्तीफा दे देना चाहिए?
हमारे देश में जिस सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व और कर्तव्यों के निर्वहन की बात की जाती क्या इंनको पूर्ण न करने पर संबधित लोगों के खिलाफ कार्यवाही नही होनी चाहिए।
2019 से अभी तक कोरोना महामारी की 4 लहरें टकराकर वापस चली गई, नरेंद्र मोदी जी दूसरी बार प्रधानमंत्री बनकर तीसरी बार की तैयारी करने लगे, NRI सम्मेलन पूर्ण हो चुका, अमेरिका में ट्रम्प की जगह जो बाइडेन राष्ट्पति बन चुके, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 वर्ष की उम्र में निधन हो चुका और जिस ब्रिटेन के हम 200 साल गुलाम रहे वहां भारतीय मूल के व्यक्ति ऋषि सुनक प्रधानमंत्री भी बन चुके लेकिन अगर कुछ नही हुआ तो वो है MPPSC 2019 की पूर्णभर्ती।
हम आज भी सकारात्मक आशा में बैठे है कि शायद MPPSC 2023 का कैलेंडर पार्ट-2 जल्द जारी कर आज जारी की गई परीक्षाओं की तिथियों के आगे की कार्यवाही कर पूर्ण नियुक्तियों का दावा करेगा और झारखंड लोकसेवा आयोग द्वारा 2005 की भर्ती को 2023 में पूरा किया गया उससे आगे निकलकर MPPSC 2019 को 2023 में नियुक्ति देकर विश्व इतिहास रचेगा।
आकाश पाठक
mppsc अभ्यर्थी।
याचिकाकर्ता मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
आकाश पाठक