बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के आगमन और धाम में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान के लिए कलेक्टर डॉ सतीश कुमार व एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने जिले भर के अधिकारियों व दंदरौआ धाम प्रबंधन के साथ की बैठक
करीब 2 घंटे चली बैठक उसके बाद 3 घण्टे में आयोजन स्थल का किया बारीकी से निरीक्षण
गणेश भारद्वाज - भिण्ड
अंचल के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल दंदरौआ धाम में आयोजित होने वाले 26 वां सियपिय मिलन उत्सव एवं बागेश्वर धाम के संत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन की तैयारियों के लिए आज जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन के साथ प्रत्येक कार्य की तैयारियों के लिए बैठक ली। बैठक में दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर श्री राम दास जी महाराज, कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र शास्त्री के आगमन के मुख्य यजमान समाजसेवी अशोक भारद्वाज, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व चेयरमैन के पी सिंह भदौरिया, एडीएम प्रवीण फुलपगारे, जिला पंचायत सीईओ जेके जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार, मेहगांव व गोहद के एसडीओपी आरकेएस राठौर व सौरव कुमार एवं समस्त थानों के थाना प्रभारी, मंदिर के पुजारी रामबरन दास जी महाराज, प्रवक्ता द्वय गणेश भारद्वाज व जलज त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख इस बैठक में मौजूद रहे।
बैठक को सर्वप्रथम धाम के महंत श्री रामदास महाराज ने संबोधित करते हुए बताया कि गुरुदेव पुरुषोत्तम दास महाराज का 26 वां सियपिय मिलन उत्सव 8 से 19 नवंबर तक आयोजित होने जा रहा है इसी कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में से एक बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के प्रवचन 14 से 18 नवंबर तक होंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सुबह 10 बजे से 12 बजे तक दरबार लगा करेगा और फिर 1से 4 तक में प्रभु के प्रवचन करेंगे। इसके अलावा भी कई धार्मिक अनुष्ठान धाम परिसर में इस दौरान आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस के द्वारा विभिन्न विभागों के प्रमुखों को विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी। इन व्यवस्थाओं में आवागमन व्यवस्था, मंच व्यवस्था, पांडाल व्यवस्था, बाजार व्यवस्था, जल व्यवस्था, बिजली व्यवस्था, आवास व्यवस्था व सुरक्षा व्यवस्था इत्यादि के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के पश्चात कथा पंडाल, पार्किंग स्थलों ब भोजन व्यवस्था स्थल व हेलीपैड व्यवस्था स्थल अधिकारियों द्वारा बारीकी से देखे गए और वहां पर क्या-क्या काम होने इस बात के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।