गणेश भारद्वाज - भिण्ड
न्यायालय के मीडिया सेल प्रभारी कृष्णेन्द्रपाल सिंह यादव एडीपीओ द्वारा बताया गया है कि अभियोक्त्री की बहन अपने पति अभियुक्त नरेश के साथ भट्टे पर ईंट बनाने का कार्य करती थी और उसके पास चार-पांच माह का छोटा बच्चा था जिसकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं था। बच्चे की देखभाल करने हेतु अभियोक्त्री/मृतका के माता-पिता ने अभियोक्त्री /मृतका एवं अभियोक्त्री के छोटे भाई को अभियोक्त्री की बहन के घर भेजा था। अभियुक्त, अभियोक्त्री की बहन, अभियोक्त्री/मृतका एवं उसका छोटा भाई बालाजी ईंट भट्टा जिंद की गढि ़या कनावर थाना ऊमरी जिला भिण्ड में भट्टा परिसर में ही झुग्गी झोपड़ी बनाकर निवास करते थे। घटना दिनांक 16 जून 2021 की रात्रि को अभियोक्त्री, अभियोक्त्री की बहन ,अभियोक्त्री का छोटा भाईएवं अभियुक्त बालाजी ईंट भट्टे पर काम करने के बाद खाना खाकर झोपड़ी में सो गये थे। अभियोक्त्री अपनी बहन/अभियोगी के साथ सो रही थी। रात्रि में लगभग 12 बजे अभियोगी की आंख खुली, तब उसने देखा कि अभियोक्त्री उसके पास में नहीं थी। उसने अपने पति को उठाया और अभियोक्त्री को तलाश किया तो अभियोक्त्री झोपड़ी के दरवाजे पर पड़ी थी और अभियोक्त्री के मंुह से झाग निकल रहे थे। अभियोक्त्री ने किसी जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया था जिससे उसे जिला अस्पताल भिण्ड लेकर गये। चिकित्सक के द्वारा अभियोक्त्री का उपचार किया गया। उपचार के दौरान अभियोक्त्री की मृत्यु हो गयी। उक्त घटना की सूचना पर उपनिरीक्षक सुमन धाकड़ ने उक्त घटना की मर्ग देहातीनालिसी अंतर्गत धारा-174 दं0प्र0सं0 पंजीबद्ध की। उपनिरीक्षक सुमन धाकड़ ने मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल का नक्शामौका प्र0पी0-2 बनाया तथा घटनास्थल से सूचनाकर्ता की निशादेही पर एक स्टील का खाली गिलास, एक स्टील की चम्मच, एक प्लास्टिक की काले रंग की शीशी, जिसमें तरल पदार्थ भरा था, उसे मौके पर जब्त कर जब्ती पत्रक प्र0पी0-3 बनाया। अभियोक्त्री/मृतका का शव परीक्षण कराया। शव परीक्षण के दौरान अभियोक्त्री को 20-22 सप्ताह का गर्भ होना पाया गया। मर्ग जांच के दौरान मृतका की बहन, भाई एवं पड़ौसी मोहन सिंह एवं क्रांतिदेवी के कथन लेखबद्ध किये गये। जांच के दौरान यह पाया गया कि घटना के वर्ष 2021 में संक्रांति के दो दिवस पश्चात् अभियुक्त नरेश उर्फ नरेशी अपनी पत्नी, अभियोक्त्री के साथ अपनी ससुराल गया था। अभियोक्त्री के माता-पिता एवं भाई काम पर चले जाते थे तब घर पर अभियोक्त्री एवं अभियुक्त नरेश तीन-चार दिन तक अकेले रहे। अभियुक्त ने अभियोक्त्री के साथ सक्रांति के समय शारीरिक संबंध स्थापित किये, जिस कारण से अभियोक्त्री गर्भवती हो गयी और बदनामी के भय के कारण अभियोक्त्री ने टमाटर के पौधे में डालने वाली कीटनाशक दवाई का सेवन कर लिया, जिससे अभियोक्त्री की मृत्यु हुई। मर्ग जांच प्रतिवेदन प्र0पी0-23 के आलोक में उक्त घटना की रिपोर्ट थाना ऊमरी जिला भिण्ड के अप0क्र0-169/2021 अंतर्गत धारा-376, 305 भा0दं0सं0 एवं धारा-5/6 पाॅक्सो अधिनियम के अधीन अभियुक्त नरेश उर्फ नरेशी के विरूद्ध पंजीबद्ध किया गया।
न्यायालय द्वारा अभियुक्त नरेश उर्फ नरेशी पुत्र रामकृपाल केवट, आयु 23 वर्ष, निवासी-ग्राम बछेछा के विरूद्ध अपराध प्रमाणित होने पर भादसं की धारा 376(2)(एफ) में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 306 में 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 15 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।