: खूब झमाझम बरसे बादल,कविता के बादल थे बादल...
Wed, Feb 21, 2024
कवि किशोरी लाल यादव की याद में श्रद्धासुमन कवि सम्मेलन आयोजित
भिंड- संवाददाता
'मध्यप्रदेश के लेखक संघ भिण्ड के जिला सचिव तथा हिंदी सेवा समिति भिण्ड जिला संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार गजलकार किशोरीलाल बादल ने अपने जीवन के अंतिम समय को कविता के लिए समर्पित कर दिया था। उम्र के अंतिम पड़ाव में कविता के प्रति उनका दबा हुआ रुझान जब प्रस्फुटित हुआ तो उन्होंने एक से एक बढ़कर उम्दा रचनायें लिखीं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता का आलम यह था कि उनको औसतन एक प्रमाण पत्र प्रतिदिन मिला करता था। कवि सम्मेलन के मंच पर ओपनिंग कवि के रूप में उनकी छवि सर्वस्वीकार हो चुकी थी। उनका असमय जाना एल, कविता के लिए, भिंड की साहित्य वैचारिकी के लिए अपूर्णीय क्षति है। जिज्ञासा प्रकाशन गाजियाबाद ने उनकी रचनाओं का संग्रह बादल की बरसात नाम से प्रकाशित किया।' उक्ताशय के विचार मध्यप्रदेश लेखक संघ भिण्ड के जिलाध्यक्ष डॉक्टर सुनील त्रिपाठी निराला में बादल निवास हाउसिंग कॉलोनी पर आयोजित उजास काव्यांजलि में किशोरिलाल बादल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए व्यक्त किए।
लेखक संघ के कोषाध्यक्ष एडवोकेट आशुतोष शर्मा नंदू ने कहा कि
खूब झमाझम बरसे बादल।
कविता के बादल थे बादल।। आदरणीय किशोरीलाल बादल हमारे लिए गुरु के समकक्ष थे। उनके अंदर कविता की भूख थी; कविता को जीने का माद्दा था एल; उन्होंने कविता के प्रति दीवानगी की हद तक अपनी सोच को सक्रिय रखा। सभी के प्रति उनका व्यवहार समान रहता था। आज हम उनको अश्रुपूरित नैनों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दुख महसूस कर रहे हैं। युवा व्यवसायी प्रशांत जैन ने कहा कि किशोरी लाल बादल हमारे मामा जी के साथ-साथ हमारे लिए गुरु के समान थे। उनका कहना रहता था की मुश्किलों से डरना नहीं लड़ना चाहिए; उनकी यह सीख हमको बहुत ही ऊर्जा देती है। इस श्रद्धांजलि सभा में रविन्द्र तिवारी, रमेश जैन दिल्ली, हेमन्त जोशी नादान, राजकुमार जैन, हरवेंद्र जैन प्रदीप युवराज, प्रशांत जैन, राजेश मधुकर समेत अनेक गणमान्य साहित्यकार तथा नागरिक बंधु उपस्थित थे।
: अटेर जनपद सीईओ पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही, संभागायुक्त ने अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की
Tue, Feb 20, 2024
आयुक्त चंबल संभाग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अटेर राजधर पटेल के विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित
भिण्ड
- संवाददाता
आयुक्त चंबल संभाग दीपक सिंह ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अटेर राजधर पटेल के विरूद्व शासकीय सेवा में रहते किये गये कदाचरण के संबंध में म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 (1) के अन्तर्गत निहित प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की है।
चंबल संभाग आयुक्त ने सीईओ जनपद अटेर से कहा है कि प्रस्तावित कार्यवाही के अन्तर्गत उपरोक्त कार्यवाही जिन आरोपो के आधार पर प्रस्तावित है उनका विवरण संलग्न आरोप/आधार पत्र में अंकित किया गया है। आपसे अपेक्षा की जाती है कि इस ज्ञापन की प्राप्ति के 15 दिवस के अन्दर अपने बचाव में लिखित रूप से अपना उत्तर मेरे समक्ष प्रस्तुत करें तथा आप यह भी सुनिश्चित करें कि आप इस प्रकरण में व्यक्तिगत सुनवाई चाहते है। आप यदि अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहे तो दस्तावेजो की एक साक्ष्य सूची भी अपने लिखित प्रतिवाद पत्र के साथ प्रस्तुत करें। आपको यह भी निर्देशित किया जाता है कि यदि आप अधिरोपित आरोपो से संबंधित किसी अभिलेख को देखना चाहते है, तो कार्यालय कलेक्टर जिला भिण्ड को लिखित रूप में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर अवलोकन कर सकते है। आपको यह भी निर्देशित किया जाता है कि इस ज्ञापन के पद-2 में अकित की गई अवधि के अन्दर यदि आपकी ओर से अपने बचाव में लिखित प्रतिवाद पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो यह मानकर कि अधिरोपित आरोप आपको स्वीकार है और उनके संबंध में आपको कुछ नहीं कहना है, म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रीण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-14 (1) के अन्तर्गत नियमानुसार विहित प्रक्रिया अपनाई जाकर आपके विरूद्व एक पक्षीय कार्यवाही की जावेगी। यहां हम बता दें कि अटेर जनपद अध्यक्ष के द्वारा कई बार जनपद पंचायत सीईओ राजधार पटेल के विरुद्ध शिकायती आवेदन कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचा जा चुके हैं लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते उनके विरुद्ध कोई भी बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। जनपद सीईओ के द्वारा किए गए विरुद्ध कार्यों की अगर सही ढंग से जांच की जाए तो उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
: पिता के रूप में ईश्वर हमारे पास होता है... : निराला
Sun, Feb 18, 2024
बड़ेतर (लहार) में स्व. ठा.बाबू सिंह गुर्जर की पुण्य स्मृति में उजास कवि सम्मेलन आयोजित
लहार - संवाददाता
वो चाहे सूक्ष्म हो स्थूल हो विश्वास होता है।
पिता के रूप में ईश्वर हमारे पास होता है।।
सुबह घर से निकलते शाम को वो लौट आते हैं।
खुशी की थैलियां में कुछ न कुछ सामान लाते हैं।।
कहां से लाए ये एहसास भी होने नहीं देते।
पिताजी भूख से संतान को रोने नहीं देते।।
पिता इतिहास है सबका पिता भूगोल होता है।
पिता के रूप में ईश्वर हमारे पास होता है।'
कविता की ये पंक्तियां राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित कवि डॉक्टर सुनील त्रिपाठी निराला ने ग्राम बड़ेतर, विकास खण्ड लहार में स्व. ठा.बाबू सिंह गुर्जर की पुण्य स्मृति में हनुमंत सिंह गुर्जर सरपंच बड़ेतर द्वारा आयोजित विराट उजास कवि सम्मेलन में व्यक्त किये तो उपस्थित श्रोताओं ने तालियां बजाकर भरपूर समर्थन दिया। कवि सम्मेलन का आयोजन हनुमंत सिंह गुर्जर सरपंच बड़ेतर द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह के अंतर्गत किया गया। इस अवसर रौन जनपद पंचायत अध्यक्ष हरनाम सिंह गुर्जर मुख्यअतिथि, सुकांड गोरमी के नरोत्तम सिंह गुर्जर अध्यक्ष तथा पुलंदर सिंह गुर्जर परीक्षित के रूप में उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन का संयोजन व संचालन डॉ.सुनील त्रिपाठी निराला भिण्ड ने किया। लहार से पधारे कवि हरिहर सिंह मानसभृंग ने सरस्वती वंदना से शुभारम्भ करते हुए शानदार कविता पाठ किया। मुरैना से आए सांड मुरैनवी ने हास्यरस वर्षा की तो इटावा के रोहित चौधरी ने किसानों की पीड़ा को बयां किया। भिण्ड के भरत त्रिपाठी की कविता को भरपूर तालियां मिलीं। जितेन्द्र त्रिपाठी अमित ने उम्दा दोहे सुनाए। उरई के वरिष्ठ पत्रकार कवि वीरेंद्र तिवारी ने भगत सिंह की फांसी वाली कविता सुनाकर शहीदों को याद किया। टूंडला के हास्यरस के कवि राम राहुल ने दुल्हन और फोटोग्राफर वाली कविता सुनाकर खूब गुदगुदाया।
इस अवसर पर नरोत्तम सिंह गुर्जर सुकांड, दशरथ सिंह गुर्जर रिटायर्ड फौजी, देवेंद्र सिंह गुर्जर पूर्व सरपंच, लवकुश सिंह गुर्जर ठेकेदार, राजपाल सिंह गुर्जर पहलवान शिक्षक ने मंचाशीन कवियों का शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। कवि सम्मेलन में रामदास नायक बड़ेतर, पंकज जोशी, महावीर शरण, अमित पारासर, गोविंद नारायण सिंह, श्रीमंत सिंह, अशोक बघेल, राकेश बघेल शिक्षक, राजवीर सिंह गुर्जर, रायसिंह, प्रेम सिंह समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे।